Sunday, September 15, 2024

राजस्थान के लोकनाट्य | Folk theater of Rajasthan | Rajasthan Culture for RSSB CET Exam

  Rajasthan Culture for All Competitive Exams 

राजस्थान के लोकनाट्य | Folk theater of Rajasthan

Rajasthan GK for RSMSSB JEn Exam 2025
Rajasthan GK for RPSC AEn Exam (Pre.) 2025

राजस्थान में क्षेत्र विशेष में निम्न लोक- नाट्य प्रचलित है :-
1. ख्याल  2. रम्मत 3. तमाशा 4. गवरी या राई 5. नौटंकी
6. स्वांग 7. भवाई नाट्य 8. फड़ 9. लीलाएँ 10. चारबैत 

  • राजस्थान में लीलाओं के दो रूप: रासलीला व रामलीला प्रचलित है।
  • यह एक बहु प्रचलित लोक नाट्य है।
  • इसकी कथा पौराणिक आख्यानों से ली जाती है, जिसमें धर्म तथा लोक तत्त्व की प्रधानता होती है। 
  • रासलीला -
    • यह भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं पर आधारित लोक नाट्य है।
    • रासलीला की उत्पत्ति बल्लभाचार्य द्वारा की गई।
    • इसका प्रचलन भरतपुर तथा मारवाड़ क्षेत्र में अधिक है।
    • सबसे पहला रासधारी नाटक लिखने का श्रेय मेवाड़ के मोती लाल जाट को जाता है।
    • रासलीला को शिवलाल कुमावत ने विशेष रूप प्रदान किया।
    • राजस्थान में 'फुलेरा' रासलीला का प्रमुख केन्द्र है।
  • रामलीला -
    • रामलीला भगवान श्री राम की जीवन लीलाओं पर आधारित है।
    • रामलीला प्रारम्भ गोस्वामी तुलसीदास ने किया था।
    • राजस्थान में बिसाऊ (झुंझुनूं), जुरहरा (भरतपुर), पांटूदा (कोटा) की रामलीला सर्वाधिक प्रसिद्ध है।
    • बिसाऊ की रामलीला मूक अभिनय पर आधारित है।

  • चारबैत
    • चारबैत राजस्थान के टोंक जिले में खेली जाने वाली संगीत दंगल लोक नाट्य विद्या है।
    • इसमें मुख्य रूप से ढपली नामक वाद्य का प्रयोग किया जाता है।
    • चारबैत लोक नाट्य शैली को प्रारम्भ करने का श्रेय नबाब फैजुल्ला खाँ के समय करीम खाँ निंहग व अब्दुल करीम खाँ को जाता है।
    • इसमें गायक ढप बजाते हुए घुटनों के बल खड़े होकर अपनी बात गाकर कहता है
    • इसमे कुछ गायक ऊँची कूद लेकर उछलते हुये भी गाते हैं।

  • भवाई नाट्य
    • भवाई जाति की उत्पत्ति केकड़ी (अजमेर) के बाघा जी जाट से मानी जाती है। इस जाति द्वारा भवाई नाट्य प्रस्तुत किया जाता है।
    • यह विशुद्ध व्यावसायिक किस्म का नृत्य नाट्य है जो सगौजी व सगीजी के रूप में भोपा-भोपियों द्वारा किया जाता है।
    • भवाई नाट्य तलवार व कांच के टुकड़ों पर एवं सिर पर कई मटके रखकर किया जाता है।
    • भवाई शैली पर आधारित शांता गाँधी द्वारा लिखित 'जस्मा-ओड़न' नाटक भारत से बाहर इंग्लैण्ड व जर्मनी में भी खेला गया है।
    • भवाई नाट्य की प्रसिद्ध नृत्यांगना श्रेष्ठा सोनी को लिटिल वंडर की उपाधि से सम्मानित किया गया है।
    • इस नाट्य में संगीत पख का अधिक महत्त्व नहीं है। बल्कि नृत्य अभिनय एवं कलाकारी का पक्ष प्रबल महत्त्व रखता है।
    • इसमें कलाकार नृत्य के साथ-साथ विभिन्न चमत्कार भी दीखता है
    • भवाई नाट्य के प्रमुख वाद्य यंत्र - सारंगी, नफीरी, नगाड़ा एवं मंजीरा


  • रम्मत
    • बीकानेर तथा जैसलमेर क्षेत्रों में होली और सावन के अवसर पर होने वाली लोक काव्य प्रतियोगिताओं से रम्मत लोकनाट्य का उद्भव हुआ।
    • रम्मत में राजस्थान के सुविख्यात लोकनायकों एवं महापुरुषों की ऐतिहासिक धार्मिक काव्य रचना को मंच पर प्रस्तुत किया जाता है।
    • रम्मतों के रचयिता सुआ महाराज, मनीराम व्यास, तुलसीदास, फागू महाराज और तेज कवि (जैसलमेरी) है।
    • तेजकवि ने रंगमंच को क्रान्तिकारी नेतृत्व प्रदान किया और अपनी रम्मत का अखाड़ा श्री कृष्ण कम्पनी से शुरू किया।
    • 1943 ई. में तेज कवि ने 'स्वतंत्र बावनी' की रचना कर इसे महात्मा गाँधी को भेट किया।
    • बीकानेर में आचार्यों का चौक रम्मतों के लिए सर्वाधिक प्रसिद्ध और सुव्यवस्थित अखाड़ा है।
    • बीकानेर में हेडाऊ मेरी की रम्मत, अमर सिंह राठौड़ री रम्मत तथा रावलों री रम्मत प्रसिद्ध है।
    • 'हेड़ाऊ मेरी की रम्मत' का सूत्रपात स्व. जवाहर लाल जी पुरोहित ने किया। इसमें हेड़ाऊ कुंभलगढ़ का राजा व मेरी उसकी पत्नी है।
    • रम्मत का आयोजन रात्रि को होता है ओर यह सुबह तक चलता रहता है।
    • रम्मत शुरू करने से पूर्व रम्मतिए (कलाकार) रंगमंच पर बैठकर अपनी वेशभूषा व मेकअप दर्शकों को दिखाते है।
    • रम्मत् खेलने वाले खेतार कहलाते है।
    • संवाद मंच पर बैठकर गायकों द्वारा गाया जाता है तथा इसके मुख्य पात्र संवाद को नृत्य तथा अभिनय करते हुए स्वयं 'भी गाते रहते है।
    • रम्मत की कुछ उल्लेखनीय बातें निम्न हैं -
      • रम्मत में मुख्य वाद्य नगाड़ा तथा ढोलक होते है
      • रम्मत साहित्य का एक रूप है।
      • इसमें रंगमंच की सजावट नही होती, मंच का धरातल थोड़ा सा ऊँचा बनाया जाता है।
    • जो मुख्य गीत गाए जाते है उनका संबंध निम्न विषयों से होता है :-
      • चौमासाः वर्षा ऋतु का वर्णन
      • लावणीः देवी-देवताओं की पूजा से संबंधित गीत
      • गणपति वन्दना
      • रामदेव जी के भजनः रम्मत शुरू करने से पूर्व रामदेव जी के भजन गाए जाते है।
    • मुख्य खिलाड़ी-स्व.श्री रामगोपाल जी मेहता, सांई सेवग, गंगादास सेवग, सूरज, जीतमल और गोड़ाजी (सभी बीकानेर)।
    • गोड़ा जी अपने समय के प्रख्यात नगाड़ा वादक रहे है।

  • तमाशा
    • तमाशा लोकनाट्य परम्परा का विकास राजस्थान में 19 वीं शताब्दी मे जयपुर में प्रारम्भ करने का श्रेय पं. बंशीधर भट्ट को दिया जाता है
    • पं. बंशीधर भट्ट को सवाई प्रतापसिंह ने अपने गुणीजन खाने मे आश्रय देकर इस नाट्य विद्या को प्रोत्साहित किया।
    • बंशीधर भट्ट के समय जयपुर की मशहूर नर्तकी गौहर जान तमाशे में स्त्रीपात्र का अभिनय करती थी।
    • तब से आज तक भट्ट परिवार ने इस नाट्य शैली को जीवित रखा हुआ है।
    • इस नाट्य में उस्ताद परम्परा फूलजी भट्ट द्वारा प्रारम्भ की गई।
    • वर्तमान में गोपीचन्द एवं वासुदेव भट्ट तमाशा के प्रसिद्ध कलाकार है।
    • रामसिंह द्वितीय ने इस कला को संरक्षण प्रदान किया।
    • तमाशा के वाद्य यंत्र : हारमोनियम, तबला-सारंगी व नगाड़े इत्यादि।
    • तमाशा की मुख्य विशेषताएँ निम्न है :-
      1. जयपुर में प्रचलित तमाशा, महाराष्ट्र के तमाशे से भिन्न है।
      2. इसमें संवाद काव्य मय होते है तथा इन्हें राग-रागनियों से निबद्ध करके प्रस्तुत किया जाता है।
      3. 'तमाशा" खुले मंच पर होता है, इसे 'आखाड़ा' कहते है।
      4. संगीत, नृत्य और गायन इन तीनों की 'तमाशे' में प्रधानता होती है। 
      5. इसमें स्त्री पात्रों की भूमिका स्वयं स्त्रियों द्वारा भी अभिनीत होती है। 
      6. गोपीचंद तथा हीर-राझाँ रसीली तम्बोलन प्रमुख तमाशे है।

  • गवरी 
    • राजस्थान के मेवाड़ क्षेत्र के उदयपुरडूंगरपुर तथा बाँसवाड़ा क्षेत्र में बसे भीलों का लोक नाट्य है।
    • इस लोकनाट्य का आधार शिव तथा भस्मासुर की कथा से है।
    • गवरी राज्य का प्राचीनतम लोकनाट्य है, अतः इसे लोकनाट्यों का मेरूनाट्य कहा जाता है।
    • इसका आयोजन रक्षाबंधन के दूसरे दिन से होता है और सवा महीने (लगभग 40 दिनतक खेला जाता है।
    • गवरी का मुख्य पात्र बूढ़िया भस्मासुर का जप होता हैऔर अन्य मुख्य पात्र 'राईहोती है जो स्त्री वेश में पार्वती और विष्णु की प्रतीक होती है।
    • झामट्या नामक पात्र लोक भाषा में कविता बोलता है और खट्कड्या उसको दोहराता है और बीच-बीच में जोकर का काम करता है।
    • बूढ़िया भी खट्कये के समय-समय पर संवाद में पूरक बनता है। शेष सभी पात्र 'खेला कहलाते है।
    • कुटकुडिया इस नाट्य का सूत्रधार होता है।
    • गवरी में पुरुष पात्र होते हैं।  
    • गवरी की समाप्ति पर दो दिन पहले जवारे बोये जाते है
    • गवरी के के कुछ मुख्य प्रसंग निम्न हैबादशाह की सवारीशेर-सुअर की लड़ाईखाडलिया भूत, भिन्यावड़ आदि।
    • यह नाट्य भील जाति के पुरूषों के द्वारा खेला जाता है। इसमें स्त्रियों की भूमिका भी पुरूषों द्वारा खेली जाती है। इस नाट्य में पाँच मुख्य पात्र होते है।
    • भानू भारती द्वारा रचित प्रसिद्ध 'पशु गायत्रीलोकनाट्य गवरी पर ही आधारित है।
    • गिर्राज प्रसाद कामां वाले इसके प्रमुख कलाकार, नत्थाराम की मंडली ने भरतपुरधौलपुर में प्रस्तुत किया।
    • खड़लिया भूतकानगूजरीगोमा-मीणाकालूकीर नाहरलाखा बणजारामाता और शेरभियावंडशेर सुअर की लड़ाईहठिया अम्बावबादशाह की सवारीबनजारा-बनजारी इत्यादि गवरी के मुख्य प्रसंग व लघु नाटिकाएँ है।
    • कानगूजरी के खेल में मंजीरे और चिमटे बजते है तथा अन्य खेलों में मादल और थाली बजती है।
    • गवरी धार्मिक लोक नाट्य है, जिसमें गवरी भीलों की मुख्य आराध्य देवी है।
    • इस लोकनाट्य का आधार शिव तथा भस्मासुर की कथा से है। ऐसी मान्यता है कि
    • भस्मासुर ने अपनी तपस्या से भगवान शिव को प्रसन्न कर उनसे भस्म करने कीशक्ति प्राप्त कर ली, तथा उसने पार्वती को प्राप्त करने के लिए शिव पर ही उसका प्रयोग करना चाहा।
    • अन्त में भगवान विष्णु ने अपने शक्ति से शिव को बचाया और भस्मासुर का हाथ उसी के सिर पर रखवाकर अन्त किया।
    • इसी सन्दर्भ में शिवजी ने भीलों के साथ नृत्य किया जो आगे चलकर गवरी के रूपी में प्रचलित हुआ।

  • स्वांग
    • स्वांग लोक नाट्य का महत्त्वपूर्ण स्वरूप है।
    • स्वांग का अर्थ है किसी विशेष ऐतिहासिक पौरोणिक, लोकप्रसिद्ध या समाज में मान्य चरित्र तथा देवी-देवताओं की वेशभूषा धारण करते हुए हुबहू उनके चरित्र की नकल करना।
    • यह लोक नाट्य की ऐसी विधा है जिसे एक ही चरित्र सम्पन्न करता है।
    • स्वांग रचने वाले व्यक्ति को बहरूपिया कहते है।
    • भरतपुर क्षेत्र में होली के अवसर पर स्वांग कलाकर विभिन्न वेशभूषाओं में स्वांग रचकर लोगों का मनोरंजन करते है।
    • मारवाड़ में रावल जाति के लोगों द्वारा स्वांग रचाने की अति प्राचीन परम्परा रही है।
    • धनरूप भांड की कला से प्रसन्न होकर जोधपुर महाराजा मानसिंह ने उसे जागीर प्रदान की
    • परशुराम भी इस कला के कलाकार है।
    • बहरूपिया कला को राजस्थान से अन्तर्राष्ट्रीय स्तर तक फैलाने का श्रेय जानकी लाल भांड (भीलवाड़ा) को दिया जाता है।
    • जानकीलाल भांड को मंकीमेन भी कहते हैं।
    • राजस्थान में प्रचलित प्रमुख स्वांग नाट्य : - 
      1. बहरूपिया स्वांग - लोक चरित्र के अनुसार स्वांग धारण करना।
      2. भांड - दिखावटी स्वांग रचाता है।
      3. नारो/नाहर का स्वांग - भीलवाड़ा में चैत्र कृष्णा त्रयोदशी को वो किया जाता है।
      4. चौक च्वावणी - रामगढ़ (जैसलमेर) में गणेश चतुर्थी पर बच्चे करते हैं।
      5. भेंट के दंगल धौलपुर के प्रसिद्ध है।


  • नौटंकी
    • नौटंकी का शाब्दिक अर्थ नाटक का अभिनय करना है
    • नौटंकी का सर्वाधिक प्रचलन अलवर, भरतपुर, करौली तथा धौलपुर जिलों में है।
    • नौटंकी के नाटकों में 'रूप बसंत', नकाब पोश, सत्यवादी हरीशचन्द्र, राजा भर्तृहरि आदि मुख्य है।
    • राजस्थान में नौटंकी का प्रचलन भूरेलाल (डीग, भरतपुर) ने किया।
    • भरतपुर क्षेत्र में कृष्णाकुमारी की नौटंकी प्रसिद्ध है।
    • नत्थाराम की मण्डली ने नौटंकी को भरतपुर और धौलपुर में प्रस्तुत किया।
    • इसमें सारंगी, शहनाई व ढपली वाद्य यंत्रों का प्रयोग किया जाता है।
    • भरतपुर में हाथरस शैली में नौटंकी की जाती है

  • ढप्पाली ख्याल
    • इस ख्याल का सर्वाधिक प्रचलन अलवर जिले में (बहरोड़ व मुण्डावर) है।
    • इसमें ढोल, नगाड़ा शहनाई वाद्यों का प्रयोग किया जाता है।

  • किशनगढ़ी ख्याल
    • इस ख्याल को लोकप्रिय बनाने का श्रेय प्रसिद्ध खिलाड़ी बंशीधर शर्मा को दिया जाता है।
    • यह ख्याल अजमेर जिले के किशनगढ़ एवं आस-पास के क्षेत्रों में प्रचलित है।

  • अली बक्शी ख्याल
    • यह ख्याल पूर्वी राजस्थान विशेष रूप से अलवर में लोकप्रिय एवं प्रचलन में है।
    • इसके प्रवर्तक राव अली बक्स अलवर के मुण्डावर ठिकाने के मूल निवासी थे।

  • कन्हैया ख्याल
    • करौली, भरतपुर, सवाईमाधोपुर, धौलपुर तथा दौसा आदि क्षेत्रों में कन्हैया ख्याल रामायण - महाभारत के आख्यानों के प्रस्तुतीकरण के लिए प्रसिद्ध है।
    • यह ख्याल मुख्य रूप से मीणा जाति में प्रचलित है।
    • इस ख्याल में गुर्जर, मीणा, माली आदि जातियों के लोग खिलाड़ी होते हैं तथा नगाड़े, ढप, चीमटे व झाँझ आदि वाद्यों का प्रयोग किया जाता है।
    • कन्हैया लोकगीत के प्रस्तुतीकरण में 'मेड़िया' पात्र की महत्व पूर्ण भूमिका होती है।
    • 'मेड़िया' पात्र के नेतृत्व में अभ्यास किया जाता है, यह गीत गोल घेरे में खड़ा होकर गाता है।
    • पंक्ति की समाप्ति पर लम्बी उल्टी मींड इसकी विशेषता होती है।
    • ये दंगल मई-जून महीने में दिन में आयोजित होते है।
    • कन्हैया ख्याल में 'कहन' कही जाती है।

  • जयपुरी ख्याल
    • जयपुरी ख्यालों में गुणीजन खाना के कलाकार हिस्सा लेते थे।
    • इस शैली की मुख्य लोकप्रिय ख्याल जोगी-जोगन, कान-गुजरी, मियाँ बीबू, पठान, रसीली तम्बोलन है।
    • राजस्थान के प्रयोगवादी नाटककार हमीदुल्ला ने 1981 ई. में "ख्याल भारमली" नामक कथ्य पर नयी शैली में एक नाटक लिखा, जो पूरे देश में प्रसिद्ध है
    • इस शैली की विशेषताएँ निम्न प्रकार है :- 
      • इसमें स्त्री पात्रों की भूमिका स्त्रियाँ ही निभाती है।
      • इस ख्याल में नए प्रयोगों की महती सम्भावनाएँ है।
      • यह शैली रूढ़ नहीं है, मुक्त व लचीली है।
      • गीत, संगीत व नृत्य का सुन्दर मेल देखने को मिलता है।

  • कुचामनी ख्याल
    • इस ख्याल शैली के प्रवर्तक लच्छीराम थे
    • लच्छीराम ने 10 ख्यालों की रचना की, जिनमें-चाँद नीलगिरी, राव रिड़मल तथा मीरा मंगल प्रमुख है।
    • लच्छीराम की स्वयं की एक नृत्य मण्डली थी, जिसका प्रयोग ये पेशेवर नृत्य के लिए करते थे।
    • इस शैली में निम्न विशेषताएँ होती है।
      • इसका रूप गीत-नाट्य जैसा होता है।
      • इसमें लोकगीतों की प्रधानता है।
      • लय के अनुसार ही नृत्य के कदमों की ताल बंधी है।
      • इसे खुले मंच पर प्रस्तुत किया जाता है।
      • इनमें पुरुष पात्र ही स्त्री चरित्र का अभिनय करते हैं।
      • इस ख्याल में संगीत के लिए ढोल एवं शहनाई वादक आदि सहयोगी होते हैं।
      • इसमें नर्तक ही गाने को गाते हैं।
  • लच्छीराम स्वयं अच्छे नर्तक के साथ-साथ प्रसिद्ध लेखक भी थे। 
  • वर्तमान में इस ख्याल के प्रवर्तक उगमराज खिलाड़ी है।

  • शेखावाटी ख्याल
    • इस ख्याल के नानू राम (चिड़ावा, झुंझुनूं) एवं इनके शिष्य दुलिया राणा प्रसिद्ध कलाकार रहे है
    • नानू राम (चिड़ावा, झुंझुनूं) तथा उनके शिष्य दूलिया राणा ने इसे "चिड़ावी ख्याल" के रूप में लोक प्रिय बनाया।
    • नानूराम ने हीर राझाँ, हरीशचन्द, भर्तृहरी, जयदेव कलाली, ढोला- मरवण, आल्हादेव आदि ख्यालों की रचना की।
    • दूलिया राणा अपनी मृत्यु से पूर्व उपरोक्त सभी ख्यालों को अपने भतीजे के साथ खेला करते थे।
    • इस ख्याल में स्त्री पात्र की भूमिका पुरुष के द्वारा निभाई जाती है
    • इस ख्याल में दूलिया स्त्री चरित्रों की भूमिका बड़ी कुशलता से निभाते थे।
    • दूलिया राणा के बाद इनके पुत्र सोहनलाल तथा पोते बन्सी बनारसी इस ख्याल के अखाड़े लगाते है।
    • इस लोकनाट्य शैली की निम्न विशेषताएँ है :-
      1. अच्छा पद संचालन
      2. पूर्ण सम्प्रेषणीय शैली, भाषा और मुद्रा में गीत गायन
      3. वाद्यों की की उचित संगत, जिनमें प्रायः हारमोनियम, सांरगी, शहनाई, बाँसुरी नक्कारा तथा ढोलक का प्रयोग होता है।

  • हेला ख्याल
    • यह ख्याल दौसा, लालसोट तथा सवाईमाधोपुर आदि क्षेत्रों में प्रचलन में है।
    • इस ख्याल में दंगल प्रतियोगिता संगीत के साथ शुरू होती है।
    • इसमें नौबत वाद्य का प्रयोग होता है।
    • इसकी मुख्य विशेषता 'हेला देना' (लम्बी टेर में आवाज देना) रही है।
    • शायर हेला ने इस ख्याल को प्रसिद्ध बनाया।

  • तुर्रा - कलंगी ख्याल
    • इस ख्याल की रचना मेवाड़ के मुस्लिम संत शाह अली व हिन्दू संत तुकनगीर नामक दो संत पीरों ने 16 वीं शताब्दी में की।
    • इसमें तुर्रा को महादेव 'शिव' तथा कलंगी को 'पार्वती' का प्रतीक माना जाता है।
    • तुकनगीर 'तुर्रा' के पक्षकार थे, भगवा वस्त्र धारण करते थे
    • शाह अली 'कलंगी' के पक्षकार थे, हरे वस्त्र धारण करते थे।
    • इन दोनों खिलाड़ियों ने 'तुर्रा कलंगी' के माध्यम से शिव-शक्ति के विचारों को लोक जीवन तक पहुँचाया। 
    • तुर्रा-कलंगी का ख्याल राजस्थान व मध्य प्रदेश में लोकप्रिय है, ख्यालों में सबसे पहले खेले गये ख्याल को "तुर्रा-कलंगी" के नाम से जानते है।
    • इस ख्याल की मुख्य विशेषताएँ निम्न प्रकार है :-
      • 1. इसकी प्रकृति गैर व्यावसायिक है।
      • 2. इसमें रंग-मंच की भरपूर सजावट होती है। यह सजावट राजस्थानी शैली की होती है।
      • 3. इसमें नृत्य की ताल सरल होती है।
      • 4. लयात्मक गायन जो, कविता के बोल जैसा ही होता है।
      • 5. यही एक ऐसा लोक-नाट्य है जिसमें दर्शकों के भाग लेने की सर्वाधिक संभावनाएँ मौजूद रहती है।
      • 6. वर्तमान में नानालाल, गंधर्व इस कला के प्रसिद्ध कलाकार है।
    • राजस्थान में सहदूसिंह (तुर्रा) व हमीद बेग (कलंगी) के नेतृत्व में चित्तौड़गढ़, घोसूंडी निम्बाहेड़ा में तुर्रा कलंगी ख्याल शुरू हुआ।
    • 'तुर्रा-कलंगी' के मुख्य केन्द्र घोसुण्डी, चित्तौड़, निम्बाहेड़ा तथा नीमच है।
    • इन्हीं स्थानों पर इसके सर्वश्रेष्ठ कलाकर चेतराम, हमीद बेग, ताराचन्द तथा ठाकुर ओंकार सिंह आदि है।
    • वर्तमान में सोनी जयदयाल इसके लोकप्रिय कलाकार थे, जिनके ख्याल आज भी लोकप्रिय है।
    • इस ख्याल को प्रस्तुत करने के लिए दो - मंच आमने-सामने निर्मित होते है। जिन पर दो खिलाड़ी आपसी संवाद को बोलते रहते है। इनके संवाद 'बोल' कहलाते है।
    • तुर्रा- कलंगी की शैली को 'माच' कहते है।
    • इसमें स्त्री पात्रों की भूमिका पुरुष ही निभाते है
    • इसमें चंग नामक वाद्य का प्रयोग किया जाता है।


  • राजस्थान का वर्तमान शाहपुरा जिला की परंपरागत लोक चित्रकला "फड़" के कारण राष्ट्रीय स्तर पर विख्यात है
  • वर्ष 2006 में फड़ चित्रकार श्रीलाल जोशी पद्मश्री से नवाजे जा चुके है
  • श्रीलाल जोशी ने शाहपुरा की फड़ चित्रकला को वर्तमान में नई पहचान दी है

  • पाबूजी की फड़
    • यह सबसे लोक प्रिय फड़ है।
    • इस फड़ में मुख के सामने भाले का चित्र होता है तथा पाबूजी की घोड़ी केसर कालमी को काले रंग से चित्रित किया जाता है।
    • इस फड़ का वाचन रात्रि में किया जाता है।
    • पाबूजी की फड़ का वाचन नायक जाति के भोपे के द्वारा किया जाता है
    • इस फड़ का वाचन रावण हत्था वाद्य यंत्र का उपयोग किया जाता है।

  • देवनारायण जी फड़
    • यह सबसे पुरानी, सर्वाधिक चित्रांकन वाली, सबसे जी फड़ है।
    • इसका वाचन रात में गुर्जर जाति के भोपों द्वारा किया जाता है।
    • फड़ में मुख के सामने 'सर्प' का चित्र तथा देवनारायण जी की घोड़ी 'लीलण' को चित्रित किया जाता है।
    • भारतीय डाक विभाग ने 2 सितम्बर, 1992 को देवनारायण जयन्ती के अवसर पर देवनारायण की फड़ पर, 2×2 डाक टिकट जारी किया।
    • इस फड़ का वाचन जंतर वाद्य यंत्र के साथ किया जाता है
    • देवनारायण जी की फड़ की प्रतिलिपि जर्मनी के संग्राहलय में सुशोभित है।

  • रामदेव जी की फड़
    • इस फड़ का चित्रण चौथमल चितेरे ने किया।
    • इस फड़ का प्रचलन भाँभी, कोली, चमार तथा बलाइयों में है जो रामदेव जी के भक्त होते है
    • रामदेव जी की फड़ का वाचन रावणहत्था वाद्य यंत्र के साथ किया जाता है
    • कामड जाति के भोपे द्वारा इस फड़ का वाचन किया जाता है

  • रामदला एवं कृष्णदला की फड़
    • इस प्रकार की फड़ में किसी एक व्यक्ति की सम्पूर्ण गाथा न होकर जगत् के लेखे-जोखे का चित्रण किया जाता है
    • राम और कृष्ण के जीवन की प्रमुख घटनाओं का चित्रण किया जाता है।
    • इस प्रकार की फड़ सर्वप्रथम धूलजी द्वारा निर्मित की गई है।
    • इसे भाट जाति के भोपे हाड़ौती क्षेत्र में सर्वाधिक गाते हैं।
    • इसमें किसी वाद्य यंत्र का प्रयोग नहीं होता है।
    • इसका वाचन दिन में होता है।

  • भेंसासुर की फड़
    • भैंसासुर की फड़ बावरी या बागरी जाति के लोग रखते हैं।
    • जब ये लोग चोरी करने निकलते हैं तब इसकी पूजा कर शकुन लेते हैं।
    • इस फड़ का वाचन नहीं किया जाता है।

Wednesday, September 04, 2024

राजस्थान का करेंट अफेयर्स | Current Affairs of Rajasthan | August, 2024 | Current Affairs for CET Exam 2024

राजस्थान का करेंट अफेयर्स  

Current Affairs of Rajasthan  

August, 2024 

Current Affairs for CET Exam 2024


  • फ्लैट में सोलर सिस्टम 
    • फ्लैट में सोलर सिस्टम से विद्युत पैदा करने के लिए राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग के जयपुर स्थित भवन में बालकनी सोलर सिस्टम लगाया।
    •  बालकनी सोलर सिस्टम का परीक्षण और शुरुआत करने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य बन गया
    • आरईआरसी के चेयरमैन बी.एन शर्मा ने बालकनी सोलर सिस्टम का अनावरण किया।
    • बालकनी सोलर सिस्टम ग्रिड से कनेक्ट नही होगा।
    • इसमें माइक्रो इनवर्टर होगा, जिससे ​घर में बिजली उपयोग सीधा ही कर सकेंगे।

  • राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट
    • मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के द्वारा आगामी दिसम्बर माह की 9-11 दिनांक को होने वाले इन्वेस्टमेंट समिट की थीम राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट और प्रतीक चिन्ह का विमोचन किया गया
    • राइजिंग राजस्थान के तहत देश विदेश में रोड शो किये जायेंगे
    • मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने राज्य सरकार "सिंगल पॉइंट निवेशक इंटरफेस" को भी लांच किया, ताकि निवेशक सरकार के साथ आसानी से एमओयू कर सके
    • सिंगल-पाॅइंट निवेशक इंटरफेस लॉन्च किये जाने के तुरंत बाद राइजिंग राजस्थान के आयोजन के लिए नोडल विभाग ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टमेंट प्रमोशन को करीब 8 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले।
    • इन्वेस्टमेंट समिट का उद्देश्य देशी-विदेशी कंपनियों, अन्तर्राष्ट्रीय संस्थाओं और निवेशकों को प्रदेश की ओर आकर्षित करना है।
    • वर्तमान में राजस्थान के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ है।

  • शेर का नया जोड़ा 
    • वन्यजीव आदान प्रदान कार्यक्रम के तहत राजस्थान और गुजरात के मध्य वन्यजीव का आदान प्रदान किया गया है।
    • गुजरात के सक्करबाग से उदयपुर के सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में लाये शेर का नया जोड़ा - सम्राट 3 साल 7 साल माह का है, तो सुनैना 3 साल की है
    • शेर के जोड़े के बदले में गुजरात को उदयपुर से 14 वन्यजीव देना तय हुआ।
    • उदयपुर से लोमड़ी के दो, हायना का एक, जैकाल के दो, जंगली बिल्ली का एक और दो चिंकारा को लेकर टीम गुजरात गई थी। 
    • राजस्थान के वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री संजय शर्मा है।

  • अपाचे हेलीकॉप्टर
    • भारतीय थल सेना के द्वारा अक्टूबर, 2024 से 6 अपाचे हेलिकॉप्टर जोधपुर मिलिट्री स्टेशन पर तैनात किये जायेंगे
    • अपाचे हेलिकॉप्टर दुनिया की उन्नत तकनीक से लेस होने साथ साथ इसमे नाईट विजन सेंसर, जीपीएस गाईडेंस और राइफल की सुविधा भी होगी
    • 6 अपाचे हेलीकॉप्टर से युक्त स्क्वाड्रन का संचालन भारतीय सेना के एविएशन कोर द्वारा किया जाएगा।
    • पश्चिमी सीमा पर भारत की रक्षा क्षमता को मजबूत करने हेतु भारतीय सेना ने 15 मार्च 2024 को जोधपुर में अपाचे एएच-64 लड़ाकू हेलीकॉप्टर से सुसज्जित अपना पहला अपाचे हेलीकॉप्टर स्क्वाड्रन स्थापित किया है ।

  • काजीपुरा गंगा भेरव घाटी
    • राजस्थान में काजीपुरा गंगा भेरव घाटी, अजमेर में नई लेपर्ड सफारी बनाई जाएगी।
    • विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के सतत प्रयासों के बाद राज्य सरकार के निर्देशों पर अजमेर के निकटवर्ती ग्राम काजीपुरा पर स्थित श्रीगंगा भैरव घाटी पर लेपर्ड सफारी बनाने की कवायद शुरू कर दी है। 
    • 18 करोड़ की लागत से लेपर्ड सफारी 5000 हेक्टेयर भूमि पर बनकर तैयार होगी।
    • अजमेर के निकटवर्ती श्रीगंगा भैरव घाटी में प्राकृतिक सौंदर्य, हरियाली, सम्राट पृथ्वीराज कालीन घुड़साल, सैनिक विश्राम गृह, भोज बगड़ावत की कर्म स्थली, साधु महात्मा की धूनी और पहाड़ी दर्रे पर्यटकों का मन मोह लेते हैं।
    • घाटी पर एक करोड़ की लागत से ट्रैकिंग स्ट्रिप, सनसेट पॉइंट और सेल्फी पॉइंट विकसित किया जा चुका है। लेपर्ड सफारी तीन साल में बनकर तैयार होगी।
    • भैरवघाटी मंदिर से चांदपोल गेट तक पगडंडी तैयार की जा चुकी है

  • अंगदान अभियान
    • अंगदान अभियान में राजस्थान को दो राष्ट्रीय पुरस्कार मिले है
    • भारतीय अंगदान दिवस पर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा राजस्थान को अंगदान जागरूकता अभियान के तहत सर्वश्रेष्ठ प्रचार प्रसार गतिविधियों के क्रियान्वयन के लिए  "बेस्ट आईईसी अवार्ड" प्रदान किया गया है।
    • राजस्थान की तरफ से समुचित प्राधिकारी डॉ. रश्मि गुप्ता एवं संयुक्त निदेशक डॉ. एसएन धौलपुरिया ने पुरस्कार ग्रहण किया।
    • केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा मोहन फाउंडेशन जयपुर सिटीजन फोरम को सपोर्टिव एनजीओ अवार्ड से भी सम्मानित किया गया
    • भारत सरकार के द्वारा अंगदान को बढ़ावा देने और अंग प्रत्यारोपण की ज़रूरत वाले लोगों और उपलब्ध दाताओं के बीच की खाई को पाटने के लिए एक बड़ा अभियान“अंगदान जन जागरूकता अभियान शुरू किया गया था।

  • फ्लाइंग एकेडमी अव्याना एविएशन इंस्टीट्यूट 
    • मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अजमेर के किशनगढ़ में राजस्थान की पहली फ्लाइंग एकेडमी की शुरुआत की है।
    • मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के द्वारा पहली फ्लाइंग एकेडमी अव्याना एविएशन इंस्टीट्यूट का उद्घाटन किया गया है।
    • एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और अवन्या एविएशन एकेडमी की ओर से इस सेंटर का संचालन किया जाएगा। इसके लिए अमेरिका से 5 और जर्मनी से 1 विमान खरीदा गया है।
    • एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की उड़ान प्रशिक्षण संगठन नीति (एफटीओ) के तहत एकेडमी खोलने के लिए देश में 10 एयरपोर्ट का चयन किया गया था। किशनगढ़ को भी इसमें चुना गया।
    • यह फ्लाईट स्कूल राज्य का पहला उडान प्रशिक्षण केंद्र है।

  • आरपीएससी के अध्यक्ष
    • हाल ही आरपीएससी के अध्यक्ष श्री संजय कुमार श्रोत्रिय का कार्यकाल पूर्ण के उपरांत श्री कैलाशचंद मीणा को कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त किया गया है
    • श्री कैलाशचंद मीणा ने आयोग में सदस्य का पदभार 9 अक्टूबर 2023 को ग्रहण किया था।
    • पूर्व के. सी. मीणा भारतीय प्रशासनिक सेवा संवर्ग के अन्तर्गत राजस्थान राज्य सरकार के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दे चुके हैं। 
    • 8 जुलाई 2026 को के. सी. मीणा का कार्यकाल पूरा होगा।
    • संजय कुमार श्रोत्रिय के 1 अगस्त को सेवानिवृत होने के कारण आयोग अध्यक्ष का पद खाली था।
    • राजस्थान लोक सेवा आयोग का मुख्यालय अजमेर में स्थित है।

  • "मरुधरा गौरव सम्मान 2024" 
    • मरुधरा लोक कला एवं संगीत सेवा संस्थान, जोधपुर द्वारा मीता पंडित को "मरुधरा गौरव सम्मान 2024" से सम्मानित किया गया।
    • शास्त्रीय गायिका और संगीत विशेषज्ञ प्रो. डॉ. स्वाति शर्मा ने लुप्त हो रही कलाओं को बचाने के लिए मरुधरा लोक कला एवं संगीत सेवा संस्थान का गठन किया है।
    • डॉ. शर्मा ही इसकी प्रथम अध्यक्ष और कार्यकारिणी में सुरभि शर्मा उपाध्यक्ष, सुलोचना गौड़ सचिव और डिंपल गौड़ को कोषाध्यक्ष निर्वाचित किया गया। 

  • "अमृता देवी विश्नोई स्मृति पुरस्कार"
    • 75 वें राज्य स्तरीय वन महोत्सव का आयोजन दूदू जिले के गाडोता में आयोजित किया गया।
    • पवन कुमार जैन को "अमृता देवी विश्नोई स्मृति पुरस्कार" प्रदान किया गया।
    • पवन कुमार जैन (कोटा) को पुरस्कार वन विकास, संरक्षण एवं वन सुरक्षा श्रेणी में वर्ष 2022 के लिए प्रदान किया गया।
    • वन विकास, संरक्षण एवं वन सुरक्षा श्रेणी में नारायण लाल कुमावत (वर्ष 2019), राजसमंद के श्याम सुन्दर पालीवाल (वर्ष 2020), सीकर की सुश्री अभिलाषा व भरतपुर के बच्चू सिंह वर्मा (वर्ष 2021) को भी सम्मानित किया गया।
    • "अमृता देवी विश्नोई स्मृति पुरस्कार" वन विकास एवं वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने लिए दिया जाता है।
    • वन्यजीव संरक्षण एवं सुरक्षा श्रेणी में जयपुर के श्री मोहित शर्मा व सुश्री दिव्या शर्मा को वर्ष 2022 के लिए पुरस्कार प्रदान किया गया।
    • वन्यजीव संरक्षण एवं सुरक्षा श्रेणी में नागौर के गजेन्द्र सिंह मांझी (वर्ष-2020) एवं उदयपुर के पदम सिंह राठौर (वर्ष 2021) को भी पुरस्कृत किया गया।

  • राजस्थान में लाडो प्रोत्साहन योजना
    • राजस्थान में लाडो प्रोत्साहन योजना की शुरुआत 1 अगस्त, 2024 की गई है।
    • लड़की के जन्म पर निम्नलिखित 07 चरणों के अनुसार कुल 01 लाख रुपयों का सेविंग बॉनड  के द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी।
    • लाडो प्रोत्साहन योजना की घोषणा राजस्थान के बजट 2024-25 में की गई थी।
    • 1 अगस्त, 2024 के बाद जन्म लेनी वाली लड़कियां ही इस योजना के लिए पात्र होगी
    • बालिका जन्म एवं शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने लाडो प्रोत्साहन योजना लागू की है।
    • योजना से संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिलेगा और मातृ मृत्यु दर के साथ ही बालिका शिशु मृत्यु दर में भी कमी आएगी।
    • इस योजना का नोडल विभाग महिला एवं बाल विकास विभाग, राजस्थान है

  • ऑपरेशन उल्लास
    • राजस्थान पुलिस के द्वारा गुमशुदा लोगों की तलाश के लिए ऑपरेशन उल्लास अभियान शुरू किया गया​
    • प्रदेश में गुमशुदा लोगों की तलाश के लिए पुलिस मुख्यालय 31 अगस्त तक एक माह के लिए ऑपरेशन उल्लास चलाएगा।
    • एडीजी सिविल राइट्स एवं एएचटी भूपेन्द्र साहू ने बताया कि प्रदेश में गुम चल रहे बच्चे, महिला व पुरुषों को अपनों से मिलाने के लिए एक माह का विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
    • अभियान की राज्य मुख्यालय स्तर पर मॉनिटरिंग की जाएगी।
    • अभियान के दौरान जिला स्तर व मुख्यालय स्तर पर साइबर सैल को सहयोग के लिए अटैच किया जाएगा।
    • अभियान को सफल बनाने के साथ-साथ ज्यादा से ज्यादा गुमशुदा लोगों को तलाशने के लिए पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत किया जाएगा।

  • स्टेट रिमोट सब सेंटर
    • राज्य सरकार द्वारा इंदिरा गाँधी पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास संस्थान, जयपुर में स्टेट रिमोट सब सेंटर खोलने की घोषणा की गई है।
    • राज्य में स्टेट रिमोट एप्लीकेशन का सब सेंटर जनवरी में शुरू हो जाएगा।
    • स्टेट रिमोट एप्लीकेशन सब सेंटर के द्वारा पानी, भूमि, वनस्पति, नदी, नाले, सड़क, वन एवं फसलों के नक्शे एवं डाटा बेस तैयार किये जा सकेंगे
    • सेंटर शुरू होने के बाद विकास योजनाएं बनाने में सरकार को आंकड़े और उपग्रह से संबंधित क्षेत्रों के नक्शे तत्काल मिल सकेंगे।
    • क्षेत्रीय सर्वेक्षण हेतु रिमोट सेंसिंग विधि का प्रयोग किया जाता है।

  • जन आधार का राजस्थान मॉडल 
    • अरुणाचल प्रदेश के आयोजना एवं निवेश विभाग के सचिव श्री राजेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने राजस्थान के शासन सचिव (आयोजना) श्री नविन जैन से मुलाकात की
    • प्रतिनिधिमंडल ने जन आधार के राजस्थान मॉडल के संबंध में जानकारी प्राप्त कर सराहना की
    • प्रतिनिधिमंडल ने आयोजना भवन स्थित राजस्थान जन आधार प्राधिकरण का अवलोकन किया
    • राजस्थान सरकार की इस पहल को अरुणाचल प्रदेश की सरकार ने लागू करने की गहरी दिलचस्पी दिखाई है
    • "एक नम्बर,एक कार्ड, एक पहचान" पर आधारित राजस्थान की जन आधार योजना द्वारा जन कल्याणकारी योजनाओ का लाभ दिया जा रहा है
    • जन आधार योजना द्वारा प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण पारदर्शिता के साथ पात्र लाभार्थियों तक पंहुचाया जा रहा है
    • ​प्रदेश की 97 प्रतिशत जनसंख्या को जन आधर योजना के अंतर्गत कवर किया जा चूका है
    • राज्य के सभी निवासी एवं परिवार जन आधार कार्ड का पंजीयन करवाने व जन आधार कार्ड प्राप्त करने हेतु पात्र है।
    • प्रत्येक परिवार को एक 10 अंकिय परिवार पहचान संख्या एवं सदस्यों को 11 अंकीय व्यक्तिगत पहचान संख्या सहित बहुउद्देशीय जन आधार कार्ड नि:शुल्क प्रदान किया जायेगा। 

  •  विधायक सेवा केंद्र के डिजिटल एप
    • मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने गंगानगर विधायक श्री जयदीप बिहाणी के विधायक सेवा केंद्र के डिजिटल एप का शुभारंभ किया।
    • गंगानगर विधानसभा क्षेत्र से वर्तमान में विधायक श्री जयदीप बिहाणी है।
    • इस एप के जरिए विधानसभा क्षेत्र के लोग अपने क्षेत्र  की समस्याओं और शिकायतों से विधायक को रूबरू करवा सकेंगे।
    • विधायक सेवा केंद्र के डिजिटल एप के माध्यम से क्षेत्र के आम लोग विकास से संबंधित शिकायत, सहायता एवं सुझाव अब घर बैठे दर्ज करवा सकेंगे
    • विधायक सेवा केंद्र में आने वाले तमाम लोगों की शिकायत, सहायता और सुझावों को दर्ज कर उन्हें संबंधित विभागों में भिजवाया जाता है तथा समस्याओं का समाधान किया जाता है।

  • विधायक श्री अमृतलाल मीणा
    • राजस्थान के सलूम्बर विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री अमृतलाल मीणा का निधन हो गया
    • स्व. अमृतलाल मीणा वर्ष 2013 से लगातार तीन बार से सलूम्बर विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे
    • सलंबूर जिले के लालपुरिया गांव में साल 1959 में जन्मे अमृतलाल मीणा करीब 20 साल राजनीति में सक्रिय रहे। ​​​​​​
    • अमृतलाल ने साल 2004 में पंचायत समिति सराड़ा के सदस्य के तौर पर राजनीति की शुरुआत की थी।
    • उसके बाद साल 2007-10 तक जिला परिषद उदयपुर के सदस्य और 2010 में पंचायत समिति सराड़ा में ​प्रतिपक्ष नेता बने।
    • वे पहली बार साल 2013 में विधायक चुने गए। 
    • स्व. अमृतलाल मीणा 2018 और 2023 में कांग्रेस के दिग्गज नेता रघुवीर सिंह मीणा को हराकर विधानसभा पहुंचे।
    • अमृतलाल राजस्थान विधानसभा में प्राक्कलन समिति, प्रश्न एवं संदर्भ समिति, विशेषाधिकार समिति और अनुसूचित जनजाति कल्याण समिति के सदस्य रहे।

  • मानस अभियान
    • हनुमानगढ़ जिले में नशे की रोकथाम हेतु जिला प्रशासन के द्वारा मानस अभियान की शुरुआत की गई है।
    • राजीविका से जुड़ी महिलाओं (SHGs members) को नशा मुक्त ‘मानस’ अभियान में मानस सखी बनाया गया है।
    • मानस सखियां घर-घर पहुंचकर माता-बहनों से संवाद करते हुए नशे से छुटकारा दिलाने के लिए उन्हें जागरूक करेंगी।
    • जिला कलेक्टर कानाराम ने कहा कि नशा मुक्त हनुमानगढ़ में महिलाओं की अहम भूमिका रहेगी। घर की बहन, मां, पत्नी और बेटी ठान ले तो नशा मुक्त जिले की संकल्पना साकार हो सकती है और परिवार आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से मजबूत बनेगा।
    • मानस सखियां गांवों में महात्मा गांधी नरेगा कार्य स्थलों पर महिलाओं को नशे से छुटकारा दिलाने के लिए जानकारी देगी एवं उन्हें शपथ दिलायेगी।
    • महिलाएं समाज और परिवार में जाल बन चुके नशे को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ें। नशे से पीड़ित व्यक्तियों को समझाइश कर अस्पताल तक पहुंचाएं।

  • रवनीत सिंह बिट्टू
    • रवनीत सिंह बिट्टू कांग्रेस के दिग्गज नेता और पंजाब के पूर्व सीएम बेअंत सिंह के पोते हैं
    • भाजपा के रवनीत सिंह बिट्टू राजस्थान राज्य से राज्यसभा सभा सांसद निर्विरोध निर्वाचित हुये है।
    • बिट्टू के राजनीतिक करियर की शुरुआत 2007 में उनकी मुलाकात राहुल गांधी से होने के बाद हुई और उसके बाद 2008 में उन्हें पंजाब यूथ कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया।
    • बिट्टू 2009 में पहली बार लोकसभा सांसद बने, जब उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर पंजाब के आनंदपुर साहिब से जीत हासिल की।
    • ​​2014 और 2019 के आम चुनावों में बिट्टू ने लुधियाना से फिर से कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की।
    • कांग्रेस ने 2021 में थोड़े समय के लिए बिट्टू को लोकसभा में पार्टी का नेता भी नियुक्त किया था
    • रवनीत सिंह बिट्टू 2024 के आम चुनावों से ठीक पहले भाजपा में शामिल हो गए।
    • भाजपा ने 2024 के लोकसभा चुनावों में उन्हें लुधियाना से मैदान में उतारा, लेकिन वे पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वारिंग से करीब 21,000 वोटों के मामूली अंतर से हार गए।
    • हारने के बावजूद भाजपा ने रवनीत सिंह बिट्टू को राज्यमंत्री नियुक्त किया
    • रवनीत सिंह बिट्टू वर्तमान में रेलवे और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री के रूप में कार्यरत हैं।
    • 49 वर्षीय राजनेता पूर्व राष्ट्रीय स्तर के हॉकी खिलाड़ी हैं और अभी भी खेलों के प्रति उनका जुनून बरकरार है।

  • मीरा महोत्सव 
    • मेड़ता सिटी में सवा पांच सौ साल से उपखण्ड स्तर पर मीरा महोत्सव मनाया जा रहा है
    • मीरा जयंती के उपलक्ष में 520 वें मीरा महोत्सव 2024 का 10 अगस्त से 18 अगस्त मेड़ता में आयोजन हुआ
    • मीरा महोत्सव 2024 के आयोजन के दौरान उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने राज्य सरकार के पर्यटन कैलेंडर में मीरा महोत्सव को शामिल करने की घोषणा की
    • राज्य सरकार के पर्यटन कैलेंडर में मीरा महोत्सव को शामिल करने से महोत्सव की सांस्कृतिक विरासत को जिन्दा रखने एवं इतिहास बताने का काम किया जायेगा
    • मीराबाई ने बाल्यकाल से ही भक्ति का मार्ग चुना था
    • मीराबाई कृष्ण भक्त थी
    • मीराबाई का जन्म 1498 ई. में राजस्थान में स्थित पाली जिले के कुड़की नामक गाँव में हुआ था।
    • मीराबाई के पिता का नाम रतन सिंह राठौड़ था।
    • चित्तौड़ के राजा राणा सांगा के पुत्र और उत्तराधिकारी भोजराज के साथ उनका विवाह संपन्न हुआ। 
    • मीराबाई के आध्यात्मिक गुरु संत रविदास थे, जिन्हें रैदास के नाम से भी जाना जाता था।
    • मीराबाई ने अंतिम समय द्वारका में बिताया। सन् 1546 ई. के दौरान उनका निधन हुआ।

  • विप्रो हाइड्रोलिक प्लांट
    • जयपुर के महिंद्रा वर्ल्ड सिटी में विप्रो चेयरमैन अजीम प्रेमजी की मौजूदगी में हाइड्रोलिक प्लांट का उद्घाटन प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के द्वारा किया गया
    • विप्रो ने राजस्थान सरकार के साथ हुए एमओयू के तहत उत्तर भारत का पहला हाइड्रोलिक प्लांट जयपुर में स्थापित किया है।
    • विप्रो हाइड्रोलिक प्लांट से राज्य में रोजगार को बढ़ावा मिलेगा एवं यह राज्य की आर्थिक प्रगति में भी सहायक होगा 
    • हाइड्रोलिक सिलेंडर का कंस्ट्रक्शन, अर्थमूविंग, यूटिलिटी एवं लिफ्टिंग, कृषि, वानिकी, खनन जैसे अनके क्षेत्रो में उपयोग हो रहा है।
    • हाइड्रोलिक प्लांट देश विदेश में बढती मांग को पूरा करने में उपयोगी साबित होगा।

  • मुख्यमंत्री आयुष्मान जीवन रक्षा योजना
    • राज्य सरकार सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद करने वाले अच्छे मददगार को पुरस्कार राशि व  प्रशस्ति पत्र देने के लिए मुख्यमंत्री आयुष्मान जीवन रक्षा योजना चला रही है।
    • ​सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को निकटम हॉस्पिटल/ट्रोमा सेंटर आदि में पहुंचाने वाले भले व्यक्ति को दस हजार की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
    • योजना का क्रियान्वयन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग करेगा।
    • घायल को अस्पताल पहुंचाने वाला स्वेच्छा से पहचान आदि देने व योजना का लाभ लेने को तैयार होने पर अस्पताल के इमरजेंसी रूम में केजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर को नाम, उम्र, लिंग, पता, मोबाइल नंबर, पहचान पत्र, बैंक खाता संख्या आदि अंकित कराना होगा।
    • यदि घायल व्यक्ति गंभीर श्रेणी का है तो उसकी मदद करने वाले भले व्यक्ति को पुरस्कार राशि व प्रशस्ति पत्र दिया जायेगा।
    • एक से अधिक भले व्यक्ति होने की स्थिति में सभी को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार राशि समान रूप से विभाजित करके दी जाएगी।
    • यदि घायल व्यक्ति सामान्य घायल (Minor Injury) श्रेणी का है तो उसकी मदद करने वाले भले व्यक्ति को केवल प्रशस्ति पत्र दिया जायेगा
    • योजना हेतु बजट समर्पित सड़क सुरक्षा कोष द्वारा वहन किया जाएगा।

  • अटल भूजल योजना
    • सरकार की भूजल को लेकर नवीन नीतियों और कार्यों का परिणाम है कि अटल भूजल योजना में अब राजस्थान प्रदेश सातवें स्थान से तीसरे स्थान पर आ गया है।
    • प्रदेश के भूजल व जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने कहा है कि अटल भूजल योजना से राजस्थान जल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा।
    • राज्य की अर्थव्यवस्था और विकास जल की उपलब्धता पर निर्भर करता है।
    • योजना के तहत मार्च 2025 तक सभी कार्य पूर्ण करने हैं। 
    • भूजल विभाग के सचिव समित शर्मा ने कहा कि प्रदेश के ग्राउंड वाटर लेवल की स्थिति का आंकलन किया जाता है तो देश में सर्वाधिक विकट स्थिति राजस्थान की पाई जाती है इसलिए आने वाले समय में भूजल स्तर को सुधारना है। 
    • अटल भूजल योजना 25 दिसम्बर, 2019 को शुरू की गई थी।
    • अटल भूजल योजना एक भूजल प्रबन्धन योजना है।
    • अटल भूजल योजना प्रदेश के 17 जिलों में क्रियान्वित की जा रही है।
    • अटल भूजल योजना का मुख्य उद्देश्य सामुदायिक सहभागिता से चिन्हित क्षेत्रो में गिरते भूजल स्तर की रोकथाम के लिए आमजन में जल के प्रति व्यवहार परिवर्तन किया जाना है।
    • योजना के तहत मार्च 2025 तक सभी कार्य पूर्ण करने हैं।
  • मेडिकल टूरिज्म
    • मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की पहल पर राजस्थान को मेडिकल टूरिज्म के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए नीतिगत फैसले लिए जा रहे है।
    • मेडिकल टूरिज्म का हब बनाने हेतु राज्य सरकार ‘हील इन राजस्थान‘ पॉलिसी लेकर आएगी
    • चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयार की गई पॉलिसी के प्रारूप को सभी हितधारको के साथ विस्तृत चर्चा कर सुझाव लिए गये है।
    • सुझावों के आधार पर जल्द ही पॉलिसी को अंतिम रूप दिया जायेगा।
    • प्रदेश में मेडिकल टूरिज्म बढ़ावा देने के लिए स्टेट मेडिकल वैल्यू ट्रैवल कमेटी का गठन किया है
    • वर्तमान में राजस्थान प्रदेश के चिकित्सा मंत्री श्री गजेन्द्रसिंह खींवसर है
    • स्टेट मेडिकल वैल्यू ट्रैवल कमेटी मेडिकल ट्यूरिज्म से संबंधित नीति निर्धारण के साथ ही उसका प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन भी सुनिश्चित करेगी।
    • अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अध्यक्षता में गठित इस कमेटी के उपाध्यक्ष पर्यटन विभाग के प्रमुख शासन सचिव होंगे।
    • इस वर्ष स्वास्थ्य के क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कुल बजट का 8.26 प्रतिशत प्रावधान स्वास्थ्य के लिए किया गया है। यह अब तक का सर्वाधिक बजट प्रावधान है।

  • राजस्थान हाईकोर्ट की स्थापना के प्लेटिनम जुबली वर्ष का समापन समारोह
    • ​राजस्थान हाईकोर्ट की स्थापना के प्लेटिनम जुबली वर्ष के समापन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि एवं प्रदेश के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े विशिष्ट अतिथि थे।
    • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा राजस्थान हाईकोर्ट की स्थापना के प्लेटिनम जुबली समापन समारोह के दौरान हाईकोर्ट म्यूजियम का भी उद्घाटन किया
    • हाईकोर्ट की स्थापना के प्लेटिनम जुबली समापन समारोह के दौरान ई समन वारंट के लिए ई सेवा त्वरित ऐप लॉन्च किया गया
    • ई सेवा त्वरित ऐप लॉन्च करने वाला राजस्थान हाईकोर्ट देश का पहला कोर्ट बन गया है
    • प्रदेश के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने हाईकोर्ट की स्थापना के प्लेटिनम जुबली वर्ष पर जारी टिकट का विमोचन करते हुये पीएम को भेंट किया
    • राजस्थान हाईकोर्ट की स्थापना 29 अगस्त 1949 को राजस्थान उच्च न्यायालय अध्यादेश, 1949 के तहत की गई थी।
    • दिनांक 29.08.1949 को राजप्रमुख महामहिम महाराजा सवाई मान सिंह द्वारा 11 माननीय न्यायाधीशों को शपथ दिलाई गई।
    • राजस्थान राज्य का उद्घाटन 30 मार्च, 1949 को हुआ और तत्समय जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर और अलवर में कार्यरत पाँच रियासतकालीन उच्च न्यायालयों को राजस्थान उच्च न्यायालय अध्यादेश, 1949 द्वारा समाप्त कर दिया गया। 
    • राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 की धारा 49 के तहत नवीन उच्च न्यायालय स्थापित हुआ, जिसकी मुख्य पीठ जोधपुर में स्थित की गयी।
    • राजस्थान का उच्च न्यायालय आदेश, 1976 द्वारा राजस्थान उच्च न्यायालय जयपुर पीठ को फिर से जयपुर में स्थापित किया गया और 30.01.1977 से जयपुर पीठ ने कार्य करना शुरू किया।
    • वर्तमान में राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनिन्द्र मोहन श्रीवास्तव है

  • राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉपरेशन लिमिटेड
    • ​राजस्थान में ई-औषधि सॉफ्टवेयर के माध्यम से निशुल्क दवा योजना का बेहतर संचालन करने के लिए प्रौद्योगिकी सभा उत्कृष्टता पुरस्कार - 2024 प्रदान किया गया
    • लखनऊ में एक्सप्रेस कम्प्यूटर इंडियन एक्सप्रेस समूह द्वारा आयोजित प्रौद्योगिकी सभा में एंटरप्राइज एप्लीकेशन श्रेणी में आरएमएससी को यह पुरस्कार प्रदान किया गया
    • लखनऊ में एक्सप्रेस कम्प्यूटर इंडियन एक्सप्रेस समूह द्वारा आयोजित समारोह में राजस्थान की ओर से आरएमएससी के अतिरिक्त निदेशक श्री विक्रम सांखला ने यह पुरस्कार ग्रहण किया
    • प्रौद्योगिकी सभा उत्कृष्टता पुरस्कार राजकीय विभागों, एजेंसियों एवं संस्थानों में तकनीकी नवाचार और प्रौद्योगिकी के माध्यम से कार्य को सुगम बनाने तथा प्रभावी प्रबंधन के लिए दिया जाता है।
    • आरएमएससीएल की वर्तमान प्रबंध निदेशक श्रीमती नेहा गिरि ने बताया कि ई औषधि सॉफ्टवेयर के माध्यम से राज्य के समस्त चिकित्सा संस्थानों में दवाओं की गुणवत्तापूर्ण उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
    • ई-औषधि एप्लीकेशन के माध्यम से प्रदेश में दवाओं की निर्बांध आपूर्ति हो रही है।
    • 2 अक्तूबर, 2011 को राजस्थान के तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा इस योजना की शुरुआत की गई।

  • श्रीकृष्ण गमन पथ
    • ​राजस्थान के मुख्यमंत्री द्वारा हाल ही में श्रीकृष्ण गमन पथ बनाने की घोषणा की गई 
    • भगवान कृष्ण की जन्मस्थली से लेकर उनके शिक्षा ग्रहण करने के स्थान को एक धार्मिक सर्किट के द्वारा जोड़ा जायेगा
    • श्रीकृष्ण गमन पथ बनाने का कार्य मध्य प्रदेश और राजस्थान सरकार के द्वारा किया जायेगा
    • भगवान श्रीकृष्ण ने महर्षि सांदीपनि के आश्रम (उज्जैन) में शिक्षा ग्रहण की थी।
    • मथुरा से सांदीपनि के आश्रम (उज्जैन) तक जाने वाले मार्ग को राजस्थान एवं मध्यप्रदेश सरकार मिलकर विकसित करेगी।
    • श्रीकृष्ण गमन पथ पर श्रीकृष्ण के जीवनकाल से जुड़े तथा पौराणिक आस्था के स्थानों को चिन्हित कर उनका विकास किया जायेगा
    • जानापाव (एमपी) में भगवान परशुराम ने श्रीकृष्ण को सुदर्शन चक्र दिया था
    • धार के पास अमझेरा में भगवान का रुक्मणी हरण को लेकर युद्ध हुआ था
    • ऐसे सभी स्थलों को सरकार पर्यटन स्थल बनाने जा रही है
    • राजस्थान में श्रीकृष्ण गमन पथ चम्बल एवं इसकी सहायक नदी घोड़ापछाड़ के किनारे किनारे होगा
    • प्रदेश में यह धार्मिक सर्किट भरतपुर, कोटा एवं झालावाड़ जिलों से गुजरेगा

  • राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड ऋण योजना 
    • राजस्थान सरकार के द्वारा राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड ऋण योजना शुरू की गई है
    • राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड ऋण योजना के तहत पशुपालकों को एक लाख रुपए तक का अल्पकालीन ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध करवाया जायेगा
    • राज्य सरकार के द्वारा 5 लाख गोपालक किसानों को ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है
    • सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गोत्तम कुमार दक ने राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड ऋण योजना के पोर्टल की शुरुआत की
    • राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड ऋण योजना द्वारा ऋण एक वर्ष की अवधि के लिए दिया जायेगा
    • इस योजना का लाभ लेने के लिए गोपालक किसान को प्राथमिक दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति का सदस्य होना अनिवार्य है
    • किसान द्वारा ऋण का समय पर चुकारा करने पर किसी प्रकार का ब्याज नही देना होगा
    • ई-मित्र और संबंधित ग्राम सेवा सहकारी समिति के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है
    • सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक ने कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में किसानों और पशुपालकों की समृद्धि और कल्याण के लिये कृतसंकल्प है।

  • जोधपुर-पाली इंडस्ट्रियल स्मॉर्ट सिटी
    • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने एनआईसीडीपी के तहत 28,602 करोड़ के निवेश के साथ 12 नए परियोजना प्रस्तावों को मंजूरी दी, जिनमें जोधपुर-पाली शामिल है।
    • इंडस्ट्रियल स्मॉर्ट सिटीज” निर्माण में राजस्थान से “जोधपुर-पाली” को शामिल किया जाना क्षेत्र के समस्त नागरिकों के जीवन स्तर में शानदार सुधार लेकर आने वाला निर्णय साबित होगा।
    • जोधपुर-पाली इंडस्ट्रियल स्मॉर्ट सिटी में टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, इंजीनियरिंग व ऑटो, बिल्डिंग मेटेरियल्स एवं हैंडीक्राफ्ट सेक्टर्स फोकस में रहेंगे
    • एनआईसीडीपी को बड़े एंकर उद्योगों और एमएसएमई, दोनों से निवेश की सुविधा प्रदान करके एक जीवंत औद्योगिक इकोसिस्‍टम को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया गया है। 
    • नए औद्योगिक शहरों को वैश्विक मानकों के ग्रीनफील्ड स्मार्ट शहरों के रूप में विकसित किया जाएगा, जिन्हें 'प्लग-एन-प्ले' और 'वॉक-टू-वर्क' सिद्धांत पर "मांग से पहले" बनाया जाएगा।
    • परियोजनाओं की मंजूरी 'विकसित भारत'- एक विकसित भारत के विजन को साकार करने की दिशा में एक कदम है।
    • जोधपुर-पाली इंडस्ट्रियल स्मॉर्ट सिटी
      • 922 करोड़ परियोजना की लागत
      • 7500 करोड़ का निवेश होगा
      • 1578 एकड़ का क्षेत्रफल होगा
      • 40 हजार को रोजगार मिलेगा

  • स्टेट लेवल पुलिस ऑफिसर्स कॉन्फ्रेंस
    • जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में 29 अगस्त, 2024 को दो दिवसीय स्टेट लेवल पुलिस ऑफिसर्स कॉन्फ्रेंस शुरू हुई।
    • स्टेट लेवल पुलिस ऑफिसर्स कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन सीएम भजनलाल शर्मा व गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने किया।
    • डीजीपी यूआर साहू के अनुसार दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस में ‘पुलिसिंग विद एक्सीलेंस- द वे फॉरवर्ड’ थीम पर एक दर्जन विषयों पर सत्र आयोजित किये गये।
    • कॉन्फ्रेंस में एसीएस होम आनन्द कुमार, डीजी डॉ. रवि प्रकाश मेहरड़ा, राजेश निर्वाण, हेमंत प्रियदर्शी, संजय अग्रवाल, सुनील दत्त, आयोजन कमेटी के अध्यक्ष एडीजी मालिनी अग्रवाल, आनंद श्रीवास्तव, कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ व विशाल बंसल सहित मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, रेंज आईजी, जिलों के एसपी, एडिशनल एसपी, डिप्टी एसपी व इंस्पेक्टर मौजूद रहे। कुछ जिलों के अधिकारी ऑनलाइन जुड़े।

  • राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024
    • ​मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 के तहत प्रथम इन्वेस्टर मीट का आयोजन 30 अगस्त, 2024 को मुम्बई में आयोजित किया गया
    • राज्य सरकार के ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टमेंट प्रोमोशन और अदानी ग्रुप, वेदांता ग्रुप, जेएसडब्ल्यू ग्रुप, टाटा ग्रुप, वारी ग्रुप, डालमिया ग्रुप और स्टार सीमेंट सहित कई उद्योगपतियों के बीच 4.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक के एमओयू हुए।
    • मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 की वेबसाइट भी लॉन्च की
    • इन्वेस्टर मीट के दौरान उद्योग मंत्री राज्यवर्धन राठौड़, मुख्य सचिव सुधांश पंत, एसीएस शिखर अग्रवाल और उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव अजिताभ शर्मा भी मौजूद रहे।

  • पेरिस पैरालिंपिक में राजस्थान की बेटियों का प्रदर्शन
    • जयपुर की अवनी लेखरा और मोना अग्रवाल ने शूटिंग के एक ही कॉम्पिटिशन में भारत को दो मेडल दिलाए।
    • अवनी लेखरा ने स्वर्ण पदक जीता, वहीं मोना अग्रवाल ने ब्रॉन्ज मेडल भारत की झोली में डाला। 
    • आर-2 महिला 10 एम एयर राइफल एसएच-1 के फाइनल राउंड में अवनी पहले और मोना तीसरे नंबर पर रहीं।
    • अवनी लेखरा ने 249.7 पॉइंट हासिल कर नया रिकॉर्ड बनाया।
    • मोना अग्रवाल ने 228.7 के स्कोर कर मेडल जीता।
    • अवनी लेखरा
      • अवनी लेखरा ने टोक्यो पैरालिंपिक में भी गोल्ड और ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी हैं।
      • अवनी लेखरा पैरालिंपिक में तीन मेडल जीतने वाली भारत की पहली खिलाड़ी बन गई हैं। 
      • अवनी ने अपना ही पैरालिंपिक रिकॉर्ड भी तोड़ा। टोक्यो पैरालिंपिक में उन्होंने 249.6 पॉइंट हासिल कर पैरालिंपिक रिकॉर्ड बनाया था।
      • पेरिस पैरालिंपिक में 249.7 पॉइंट हासिल कर नया रिकॉर्ड बनाया।
    • मोना अग्रवाल
      • मोना अग्रवाल ने ​दिसंबर 2021 में शूटिंग करना शुरू किया था। 
      • मोना अपने जन्म के कुछ महीनों बाद ही पोलियो से पीड़ित हो गई थीं। मोना के दो बच्चे हैं।
      • इससे पहले मोना ने गोला फेंक और वेट लिफ्टिंग में स्टेट लेवल तक खेला है।
      • मोना अग्रवाल (37) ने 9 मार्च, 2024 को अपने करियर के चौथे इंटरनेशनल टूर्नामेंट डब्ल्यूएसपीएस पैरा शूटिंग वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल जीता था।