Friday, February 17, 2023

राजस्थान में जनजागरण | Rajasthan Jan Jagran | Rajasthan General Knowledge for Competitive Exams

 राजस्थान में जनजागरण

     भारत वर्ष में 1857 की क्रांति को देश का पहला स्वाधीनता संग्राम कहा जाता है। राजस्थान में 1857 की क्रांति की शुरुआत नसीराबाद (अजमेर) छावनी में 15वीं नेटिव इन्फेंट्री के सैनिकों के विद्रोह से हुई। उस समय राजस्थान में 06 सैनिक छावनियां थी - 

01- ब्यावर
02- नसीराबाद
03- नीमच
04- एरिनपुरा
05- देवली
06- खैरवाड़ा

राजस्थान में 1857 की क्रांति में खैरवाड़ा (भील पलटन) एवं ब्यावर (मेरों की पलटन) छावनियों ने भाग नहीं लिया था।
✅ स्वाधीनता आन्दोलन के समय राजस्थान में कई संस्थाएं गठित हुई। जिनके द्वारा आजादी की लड़ाई के दौरान राष्ट्रवाद की अलख जगाई गयी -

✔ देश हितैषणी सभा (1879) - महाराणा सज्जन सिंह (उदयपुर)
राजपुत्र हितकारिणी सभा (1888) - एजीजी कर्नल वाल्टर (अजमेर)
सर्व हितकारिणी सभा (1907) - श्री कन्हैयालाल ठूंठ एवं स्वामी गोपाल दास (चुरू)
वर्धमान विद्यालय (1907) - श्री अर्जुन लाल सेठी (जयपुर)
आचार सुधारनी सभा (1910) - श्री यमुना प्रसाद वर्मा (धौलपुर)
वीर भारत सभा (1910) श्री केसरी सिंह बाहरठ 
हिन्दी साहित्य समिति (1912) - महंत जगन्नाथ दास (भरतपुर)
विद्या प्रचारिणी सभा (1917) - श्री हरिभाई किंकर (बिजौलिया)
राजपूताना मध्य भारत सभा (1918 - सुजस एवं 1919 - राजस्थान हिंदी ग्रन्थ अकादमी अनुसार) - श्री जमना लाल बजाज (दिल्ली)
प्रजा प्रतिनिधि सभा (1918) - पं. नयनू राम शर्मा (कोटा)
मरुधर मित्र हितकारिणी सभा (1918) - श्री चांदमल सुराणा (जोधपुर)
राजस्थान सेवा संघ (1919)श्री विजय सिंह पथिक, श्री अर्जुन लाल सेठी एवं श्री केसरी सिंह बाहरठ (वर्धा)
नरेन्द्र मंडल (चैम्बर ऑफ प्रिंसेज) (1920) - महाराजा गंगा सिंह (बीकानेर)
मारवाड़ सेवा संघ (1920) - श्री चांदमल सुराणा एवं श्री जयनारायण व्यास (जोधपुर)
सस्ता साहित्य मंडल (1925) - श्री हरिभाई उपाध्याय (अजमेर)
जीवन कुटीर (1927) - श्री हीरालाल शास्त्री (वनस्थली टोंक)
खांडलाई आश्रम (1934) - श्री माणिक्य लाल वर्मा (डूंगरपुर)
नागरी प्रचारिणी सभा (1934) - श्री ज्वाला प्रसाद एवं श्री जौहरी लाल (धौलपुर)

आजादी के दौर में प्रकाशित समाचार पत्र 

✔ मजहरूल सरूर (उर्दू एवं हिन्दी) (1849) - भरतपुर 
✔ रोजतुल तालीम (राजपूताना अखबार) (द्विभाषी) (1856) - हैडमास्टर कन्हैयालाल
✔ लिथो प्रेस (1864) - ईसाई मिशनरीज, ब्यावर
✔ मारवाड़ गजट (उर्दू एवं हिन्दी) (1866) - बाबू हीरा लाल एवं बाबू डोरी लाल (जोधपुर) 
✔ सज्जन कीर्ति सुधाकर (सरकारी गजट) (1879) - महाराणा सज्जन सिंह (उदयपुर) 
 देश हितैषी मासिक (1882) - मुंशी मुन्ना लाल शर्मा 
✔ राजस्थान टाइम्स (अंग्रेजी) (1885) - श्री लक्ष्मण दास एवं श्री वासुदेव शर्मा (अजमेर)
✔ राजस्थान साप्ताहिक (1923) - श्री ऋषि दत्त मेहता
✔ त्याग भूमि (1927) - श्री हरिभाऊ उपाध्याय
✔ नवज्योति (1936) - कैप्टन दुर्गाप्रसाद चौधरी (अजमेर)
✔ राजपूताना गजट (1882-1885) - मौलवी मुरार अली (अजमेर)
✔ राजस्थान समाचार (1889) - मुंशी समर्थदान (अजमेर) 
✔ समालोचक (1902)श्री जवाहर लाल जैन एवं बाबू गोपालराम  
✔ प्रसिद्ध चित्रावली (हिन्दी एवं उर्दू) (1890) - मुंशी देवी प्रसाद (जोधपुर)  
✔ राजस्थान केसरी (1920) - श्री विजय सिंह पथिक 
✔ तरुण राजस्थान (1920-21) - श्री जय नारायण व्यास (ब्यावर) 
✔ नवीन राजस्थान (1922) - राजस्थान सेवा संघ 
✔ लोकवाणी (1943)पं . देवी शंकर तिवाड़ी (जयपुर)
✔ लोक सेवक (1942)पं . अभिन्न हरि (कोटा) 
✔ नवजीवन (1939) - श्री कनक मधुकर (अजमेर)
✔ आगीबाग (1937) - श्री जयनारायण व्यास (ब्यावर) - राजस्थानी भाषा का पहला समाचार पत्र

आजादी के दौर की पुस्तकें   

✔ प्रत्यक्ष जीवन शास्त्र (आत्मकथा) एवं प्रलय प्रतिक्षा नमो नमः (गीत) - श्री हीरालाल शास्त्री   
✔ पोपा बाई री पोल एवं मारवाड़ की अवस्था - श्री जयनारायण व्यास 
✔ शूद्र मुक्ति, परामर्श यज्ञ एवं मदन पराजय - श्री अर्जुन लाल सेठी 
✔ जैसलमेर में गुण्डाराज, आजादी के दीवाने एवं रघुनाथ सिंह का मुकदमा - श्री सागर मल गोपा  
✔ स्वतंत्रता बावनों ग्रन्थ - श्री तेज कवि 
✔ चेतावनी रो चुगटियो (डिंगल भाषा) - श्री केसरी सिंह बारहठ  
✔ अजयमेरू (उपन्यास) एवं वाट् आर द इंडियन स्टेट्स - श्री विजय सिंह पथिक 

आजादी के दीवानों के उपनाम 

✔ राजस्थान के दधीची एवं राजस्थान के तिलक - श्री अर्जुन लाल सेठी (जयपुर)
✔ गुलाम नम्बर चार एवं गांधीजी के 5 वें पुत्र - श्री जमनालाल बजाज (सीकर) 
✔ राजस्थान के जतिन दास - श्री बाल मुकुन्द बिस्सा (नागौर) 
✔ राजस्थान के मंगल पाण्डे - श्री अमर चन्द बांठिया (बीकानेर)  
✔ लक्कड़ का फक्कड़, मास्साब, लोकनायक एवं शेर - ए - राजस्थान -
श्री जयनारायण व्यास (जोधपुर) 
✔ आजादी के दीवाने- श्री सागरमल गोपा (जैसलमेर)
✔ सहस्र क्रान्ति के जनक - श्री गोपाल सिंह खरवा (अजमेर) 
✔ सहस्र क्रान्ति के भामाशाह - श्री सेठ दामोदर दास राठी (ब्यावर) 
✔ योगी पुरुष, राजस्थान केसरी - श्री केसरी सिंह बारहठ (शाहपुरा, भीलवाड़ा) 
✔ मेवाड़ केसरी - महाराणा प्रताप  
✔ राजस्थान का चन्द्रशेखर एवं अमरदास बैरागी - श्री जोरावर सिंह बारहठ (उदयपुर) 
✔ आदिवासियों के बावजी - श्री मोती लाल तेजावत (उदयपुर) 
✔ आजादी राजस्थान में क्रान्तिकारियों के पितामह - श्री श्यामजी कृष्ण वर्मा 
✔ राजस्थान के गांधी - श्री गोकुल भाई भट्ट (सिरोही)